Farewell Poem by Dr. Anand S. Khati, DG/HR, Railway Board

"शुक्रिया, Thanks,धन्यवाद

ये नशा है दोस्तों उतर जायेगा
सब कुछ पीछे रह जायेगा, ऐसा तो होना ही था
कुछ ने समझा, कुछ ने कोशिश ही न की,
कुछ को न कल समझ में आये व न आज,
उनसे आगे भी उम्मीद रखना नाइन्साफ़ीहोगी
पर दुआ करते है उनकी ख़ैरियत व तरक़्क़ी के लिए
हो सके तो हमें मांफ करदें व अच्छी यादों को संजोए
कभी रास्ते में मिलें तो बगलें न छिपाये
यही दुआ करते हैं !

ये नशा है दोस्तों उतर जायेगा
सच्चाई तो यह है हमारी राह में
इनसानियत ने भी खूब दस्तक दी
लोगों का इंतहा प्यार मिला,
मंजिले ख़ुद ब ख़ुद नहीं उनके साथ ही मिलीं
नफ़रतों से भी राबता हुआ, अजीब सा माहौल भी मिला
कुछ हमें गलत समझे, कुछ को हम नहीं समझ पाए
कोशिश रही, हर किसी को उनका हक़ मिले
पर सच्चाई है हर किसी को चाह कर भी खुश न रख सके

ये नशा है दोस्तों उतर जायेगा
कुछ अज़ीज़ों ने ज़िन्दगी का
मक़सद समझने में साथ दिया वरना न जाने क्या गुजरती
शुक्रिया आप सबका,
आप लोगों का ज़िक्र हर पल ज़रूरी है
आगे भी साथ निभाते रहना यारों, वरना
अब किसका इतना प्यार मिलेगा, इतना साथ मिलेगा
यकीनन समझ नहीं आता.

जीवन की आपाधापी में, कभी मुलाक़ात हो तो बस इतनी इज़्ज़त बरस देना कि यह न लगे कि वक़्त बदल गया है .

सच्चाई यह है कि वक़्त न कल था,
न आज है और न कल होगा
पर हैलो-हाय तो हो ही सकती है.
बस यही उम्मीद रहेगी आप सब से.
इस ख़याल के साथ अलविदा लेते हैं "

शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
-डा आनंद एस खाती, महानिदेशक, मानव संसाधन, रेलवे बोर्ड

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